Dhurandhar 2025 Review Hindi: बॉक्स ऑफिस, OTT रिलीज़, बेस्ट डायलॉग
धुरंधर: एक्शन थ्रिलर जिसने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा
2025 में रिलीज़ हुई फिल्म धुरंधर भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े स्पाई एक्शन थ्रिलरों में से एक बन चुकी है। आदित्य धर द्वारा लिखित, निर्देशित और सह निर्मित यह फिल्म जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज के बैनर तले बनी, जिसे दर्शकों और समीक्षकों दोनों का जबरदस्त समर्थन मिला। इसमें रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन और राकेश बेदी जैसे कलाकार हैं, जिनकी मौजूदगी ने फिल्म को और मजबूती दी। फिल्म का संगीत शाश्वत सचदेव ने दिया है और कहानी एक गुप्तचर एजेंट के इर्द गिर्द घूमती है जो कराची के अंडरवर्ल्ड नेटवर्क में घुसकर एक बड़े जासूसी ऑपरेशन को अंजाम देता है।
धुरंधर नाम अपने आप में एक प्रतीक बन गया है। यहाँ एक साधारण व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि रणनीति, राजनीतिक तनाव और भावनात्मक जटिलताओं से भरी दुनिया दिखाई गई है। कथा में कई अंतरराष्ट्रीय घटनाओं की पृष्ठभूमि जैसा वातावरण रचा गया है, जिससे फिल्म का कैनवस और व्यापक हो जाता है। यह पूरी तरह बायोपिक नहीं है, बल्कि एक काल्पनिक लेकिन यथार्थ से प्रेरित जासूसी कथा है जिसमें देशभक्ति और रणनीति का संतुलन दिखाई देता है।
फिल्म में रणवीर सिंह ने प्रमुख भूमिका निभाई है और उनका किरदार एक कुशल और रहस्यमयी एजेंट का है जो मिशन को निजी भावनाओं से ऊपर रखता है। अक्षय खन्ना ने रहमान डकैत की भूमिका निभाई है जो कराची के अंडरवर्ल्ड का कुख्यात चेहरा है। संजय दत्त ने एसपी असलम चौधरी की भूमिका निभाई है जो सख्त लेकिन सिद्धांतवादी पुलिस अधिकारी है। आर माधवन, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन ने भी अपने अपने किरदारों में कहानी को भावनात्मक और रणनीतिक स्तर पर मजबूती दी है।
आदित्य धर का निर्देशन फिल्म को एक सुसंगत और भव्य रूप देता है। छायांकन और संपादन ने कहानी को तेज लेकिन स्पष्ट रखा है। एक्शन सीक्वेंस बड़े स्तर पर फिल्माए गए हैं और तकनीकी गुणवत्ता फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव देती है। बॉक्स ऑफिस की बात करें तो धुरंधर ने रिलीज़ के शुरुआती हफ्तों में ही रिकॉर्ड तोड़ कमाई की। भारत और विदेशों में फिल्म ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और कुल मिलाकर 1000 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन पार कर लिया और वर्ल्डवाइड 1300 करोड़ की कमाई भी पार कर चुकी है।
थिएटर में लंबी और सफल रन के बाद फिल्म 29 जनवरी को आधिकारिक तौर पर OTT पर रिलीज़ हो चुकी है जिससे दर्शक घर बैठे भी इसे स्ट्रीम कर सकते हैं। जब मैंने सिनेमा हॉल में ये मूवी देखी थी तो फिल्म में कुछ गाली गलौज वाले सीन भी थे, लेकिन OTT वर्जन में वे सीन डिलीट कर दिए गए हैं। डिजिटल वर्ज़न के साथ इस संपादन को लेकर चर्चा भी हुई, लेकिन इससे फिल्म की लोकप्रियता पर कोई खास असर नहीं पड़ा। अब जो दर्शक थिएटर में नहीं देख पाए थे, वे इसे OTT पर देख रहे हैं।
फिल्म का संगीत शाश्वत सचदेव ने तैयार किया है और बैकग्राउंड स्कोर खास तौर पर एक्शन और तनाव भरे दृश्यों में प्रभाव छोड़ता है। कहानी की शुरुआत एक रहस्यमयी प्रवेश से होती है। एक एजेंट दुश्मन इलाके में घुसता है और धीरे धीरे अंडरवर्ल्ड और खुफिया नेटवर्क के भीतर अपनी जगह बनाता है। फिल्म विश्वासघात, रणनीति और देशभक्ति के बीच संतुलन साधती है। हर मोड़ पर कहानी नया तनाव पैदा करती है और क्लाइमेक्स तक दर्शक को बांधे रखती है।
फिल्म के संवादों ने भी अपनी अलग पहचान बनाई है। धुरंधर के 10 बेस्ट डायलॉग जिन्होंने दर्शकों के बीच खास असर छोड़ा, वे इस प्रकार हैं।
हाइजैकर अजय सान्याल से – पड़ोस में रहते हैं हम… भर का जोर लगा लो और बिगाड़ लो जो बिगाड़ सकते हो।
अजय सान्याल – अगर वो भारत के खिलाफ नींद में भी सोचे न, तो उनके ख्वाब में भी हम बैठे नजर आने चाहिए।
अजय सान्याल – कभी कभी धैर्य का टूटना देश के लिए अच्छा साबित हो सकता है।
अजय सान्याल – We have no choice। हमारे पास कोई और रास्ता नहीं। कभी या कहीं से तो शुरुआत करनी पड़ेगी। क्योंकि आज तो सब घर में घुसे हैं, कल छाती पर भी सब बैठ जाएंगे। फिर टूटने के लिए कुछ नहीं बचेगा, न धैर्य, न हौंसला।
रहमान डकैत – आज से ल्यारी में बलूचों की हुकूमत होगी। जो भी दगा करेगा, उसका यही हश्र होगा।
रणवीर सिंह – सियासत में बड़ा कारनामा करना हो तो ऐसे दौलतमंदों से दोस्ती बनाए रखनी चाहिए। खून बहाकर आप ल्यारी के तख्त तक ही पहुंच सकते हैं। चांद तक पहुंचना है तो अपना जलवा अमीरों में बिखेरना पड़ेगा।
अजय सान्याल – हमने कराची माफिया Infiltrate कर लिया। हमसे उत्तर प्रदेश माफिया Infiltrate नहीं हो रहा है। हिन्दुस्तानियों का सबसे बड़ा दुश्मन हिंदुस्तानी ही है। पाकिस्तान तो दूसरे नंबर पर आता है।
रहमान डकैत – रहमान डकैत की दी हुई मौत बड़ी कसाई नुमा होती है।
पाकिस्तानी राजनेता – अगर शैतान को मारना है तो चिराग तो घिसना ही पड़ेगा। लगता है अब जिन को आजाद करना पड़ेगा।
एसपी असलम चौधरी – चिंगारी लगा कर तुझे ये लगा तूने आग पर काबू पा लिया। ये गलतफहमी मत पाल। यहां बारूद का ढेर बैठा है तुझ जैसों को राख करने के लिए।
फिल्म का अगला भाग धुरंधर द रिवेंज पहले ही घोषित किया जा चुका है और दर्शकों को कहानी के अगले अध्याय का इंतजार है। पहले भाग की सफलता ने सीक्वल के लिए उत्साह और बढ़ा दिया है। धुरंधर ने साबित किया है कि मजबूत कहानी, प्रभावी अभिनय और तकनीकी गुणवत्ता मिलकर ऐसी फिल्म बना सकते हैं जो सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि एक सिनेमाई अनुभव बन जाए।

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